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ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव, रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक बंद रहेगी पेंट्रीकार सेवा

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IRCTC ने ट्रेनों में रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक पेंट्रीकार सेवा बंद रखने का निर्णय लिया है। इस दौरान यात्रियों को भोजन, नाश्ता और गर्म पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी।

पटना/आलम की खबर:भारतीय रेलवे से यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने ट्रेनों में उपलब्ध पेंट्रीकार सेवाओं को लेकर नया निर्देश जारी किया है। इस निर्णय के अनुसार अब रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक पेंट्रीकार से किसी भी प्रकार की खानपान सेवा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। यानी इस दौरान यात्रियों को भोजन, नाश्ता, चाय, कॉफी या गर्म पानी जैसी सुविधाएं नहीं मिल सकेंगी। रेलवे के इस फैसले का सबसे अधिक असर उन यात्रियों पर पड़ने की संभावना है जो लंबी दूरी की ट्रेनों में रात के समय यात्रा करते हैं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह निर्णय पेंट्रीकार की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित बनाने और साफ-सफाई के मानकों को बेहतर करने के उद्देश्य से लिया गया है। रात के समय रसोई, उपकरणों और खाद्य सामग्री के भंडारण क्षेत्र की सफाई तथा तकनीकी जांच का कार्य किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे यात्रियों को दिन के समय बेहतर गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

भारतीय रेलवे देश की जीवन रेखा मानी जाती है और प्रतिदिन लाखों लोग लंबी दूरी की यात्रा के लिए ट्रेनों का उपयोग करते हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे यात्रियों की होती है जो रात भर ट्रेन में सफर करते हैं। अब तक ऐसे यात्रियों को किसी भी समय पेंट्रीकार से भोजन या पेय पदार्थ उपलब्ध हो जाते थे, लेकिन नए नियम के लागू होने के बाद रात के समय यह सुविधा पूरी तरह बंद रहेगी।

रेलवे के इस फैसले को लेकर यात्रियों के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे साफ-सफाई और गुणवत्ता सुधार की दिशा में सकारात्मक कदम मान रहे हैं, जबकि कई यात्रियों का कहना है कि इससे विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लंबी दूरी की यात्रा के दौरान कई बार यात्रियों को देर रात भोजन या गर्म पानी की आवश्यकता होती है। ऐसे में नई व्यवस्था उनके लिए असुविधा का कारण बन सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में बड़ी संख्या में यात्री रात के समय ट्रेन में चढ़ते हैं या यात्रा के दौरान भोजन की जरूरत महसूस करते हैं। कई ट्रेनों का समय ऐसा होता है कि यात्री रात में ही भोजन लेने के आदी होते हैं। अब उन्हें यात्रा शुरू करने से पहले ही अपने भोजन और पेय पदार्थ की व्यवस्था करनी होगी।

इस निर्णय का प्रभाव विशेष रूप से उन ट्रेनों पर अधिक दिखाई दे सकता है जो 20 से 30 घंटे या उससे अधिक की लंबी दूरी तय करती हैं। ऐसी ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को पहले से योजना बनानी होगी ताकि रात के दौरान किसी आवश्यक वस्तु की कमी न हो। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा से पहले आवश्यक खाद्य सामग्री और पीने के पानी की व्यवस्था कर लें।

रेलवे से जुड़े कई उपभोक्ता संगठनों ने इस फैसले के बाद एक अन्य चिंता भी व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि पेंट्रीकार सेवा रात में बंद रहती है तो कुछ ट्रेनों में अवैध वेंडरों की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। अतीत में भी ऐसे मामले सामने आते रहे हैं जहां अनधिकृत लोग ट्रेनों में खाद्य सामग्री बेचते हुए पाए गए थे। ऐसे मामलों में यात्रियों से निर्धारित कीमत से अधिक पैसे वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आई थीं।

यात्री संगठनों का मानना है कि यदि रेलवे ने निगरानी व्यवस्था मजबूत नहीं की तो कुछ लोग इस स्थिति का फायदा उठा सकते हैं। इसलिए रेलवे सुरक्षा बल, टिकट जांच कर्मियों और संबंधित अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी। इससे यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पेंट्रीकार बंद रहने का अर्थ यह नहीं है कि ट्रेनों में सुरक्षा या अन्य सेवाओं पर कोई प्रभाव पड़ेगा। केवल खानपान सेवा निर्धारित समय के लिए बंद रहेगी। इसके अलावा ट्रेन संचालन और अन्य सुविधाएं पूर्व की तरह जारी रहेंगी। रेलवे का दावा है कि यह व्यवस्था भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाने में मदद करेगी।

खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि किसी भी खानपान सेवा में नियमित सफाई और रखरखाव अत्यंत आवश्यक होता है। यदि पेंट्रीकार में उपयोग होने वाले उपकरणों, रसोई और भंडारण क्षेत्रों की समय-समय पर जांच की जाए तो भोजन की गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है। हालांकि वे यह भी मानते हैं कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुछ वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए।

लंबी दूरी की यात्रा करने वाले कई यात्रियों का कहना है कि रात के दौरान कम से कम पीने के गर्म पानी और आवश्यक खाद्य सामग्री की सीमित व्यवस्था उपलब्ध रहनी चाहिए। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों वाले यात्रियों के लिए ऐसी सुविधाएं महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। आने वाले समय में रेलवे यात्रियों की प्रतिक्रियाओं के आधार पर इस व्यवस्था की समीक्षा भी कर सकता है।

फिलहाल आईआरसीटीसी के नए निर्देश के बाद सभी रेलवे जोनों में इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। ट्रेनों में कार्यरत पेंट्रीकार कर्मचारियों को भी नई व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद इसका वास्तविक प्रभाव सामने आएगा।

रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा, स्वच्छता और बेहतर सेवाएं उनकी प्राथमिकता हैं। इसी उद्देश्य से समय-समय पर विभिन्न नियमों और व्यवस्थाओं में बदलाव किए जाते हैं। हालांकि यात्रियों को भी यात्रा से पहले आवश्यक तैयारी कर नई व्यवस्था के अनुसार खुद को ढालना होगा।

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